शशी थरूर ने भारत का मजाक बनाया है और भारत को एक खराब परिदृष्य से दिखाने की कोशिश की है।
— BJP (@BJP4India) October 18, 2020
शशी थरूर कहते हैं कि भारत की सरकार कोविड के मैनेजमेंट में कहीं कहीं फेल हो रही है।
भारत की मीडिया पोल के जरिए दिखा रही है कि जनता-जर्नादन मोदी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से संतुष्ट है। pic.twitter.com/F99gNg8Ml8
लाहौर थिंक फेस्ट में कांग्रेस सांसद शशि थरूर द्वारा दिए गए बयान के बाद विवाद पैदा हो गया है। शशि थरूर ने पाकिस्तान के मंच पर कहा है कि भारत में मुसलमानों और उत्तर पूर्व के लोगों के बीच भेदभाव होता है।
Lahore Think Fest में ऑनलाइन जुड़े थे थरूर
शशि थरूर लाहौर थिंक फेस्ट नामक एक कार्यक्रम में ऑनलाइन जुड़े थे और इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान देश में भेदभाव बढ़ गया है। दिल्ली में तब्लीगी जमात की बैठक का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस घटना का इस्तेमाल भारत में मुसलमानों के खिलाफ भेदभाव को सही ठहराने के लिए किया गया था।
भारत पर क्या-क्या बोले शशि थरूर
शशि थरूर ने कहा, "एक दूसरे से डर का माहौल बनाया जाता है। मुझे नहीं पता कि आप में से कितने लोगों ने व्हाट्सएप वीडियो देखे हैं जो चीनी लोगों या ऐसे लोगों के खिलाफ भेदभाव करते हैं जो उन्हें पश्चिमी देशों जैसे सुपर मार्केट, रेस्तरां में सिर्फ इसलिए देखते हैं क्योंकि वे चीनी लोगों की तरह दिखते हैं। ”
शशि थरूर ने आगे कहा, "भारत में हम उत्तर पूर्व के लोगों के साथ एक ही समस्या देखते हैं क्योंकि वे अलग दिखते हैं। हम ऐसे भेदभाव के खिलाफ भारत में लड़ाई लड़ रहे हैं ''
उन्होंने कहा, "यह भेदभाव कोरोना महामारी के दौरान भी देखा गया था। जब तब्लीगी जमात का मुद्दा उठा था। पहले तालाबंदी से ठीक पहले तब्लीगी जमात के लोग इकट्ठा हुए थे और जब ये लोग अपने राज्यों में लौटे, तो कोरोना का संक्रमण बढ़ गया।घटना का इस्तेमाल भारत के मुसलमानों के खिलाफ भेदभाव को सही ठहराने के लिए किया गया था।''

